मेरी उम्मत के अधिकतर मुनाफ़िक़ क़ारी (क़ुरआन पढ़ने वाले लोग) होंगे।

मेरी उम्मत के अधिकतर मुनाफ़िक़ क़ारी (क़ुरआन पढ़ने वाले लोग) होंगे।

अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से वर्णित है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को कहते सुना हैः “मेरी उम्मत के अधिकतर मुनाफ़िक़ क़ारी (क़ुरआन पढ़ने वाले लोग) होंगे।”

[सह़ीह़] [इसे अह़मद ने रिवायत किया है।]

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निफ़ाक़ (अंदर कुफ़्र छुपाए रखना और बाहर ईमान का दिखावा करना), कुत्सित आचरण