إعدادات العرض
जिसे ख़ुशबू भेंट की जाए, वह उसे न लौटाए। क्योंकि वह उठाने में हलकी तथा सुगंधित होती है।
जिसे ख़ुशबू भेंट की जाए, वह उसे न लौटाए। क्योंकि वह उठाने में हलकी तथा सुगंधित होती है।
अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "जिसे ख़ुशबू भेंट की जाए, वह उसे न लौटाए। क्योंकि वह उठाने में हलकी तथा सुगंधित होती है।"
[सह़ीह़] [इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।]
الترجمة
العربية বাংলা Bosanski English Español فارسی Indonesia Tagalog Türkçe اردو 中文 Français Tiếng Việt සිංහල ئۇيغۇرچە Hausa Kurdî Português தமிழ் Русскийالشرح
जिसे खुशबू भेंट की जाए या खुशबू लगाने की पेशकश की जाए, उसे ग्रहण कर लेना चाहिए। क्योंकि एक तो उसे साथ रखना कुछ कठिन नहीं है और फिर उसका गंध भी अच्छा होता है।