إعدادات العرض
इस्लाम की शुरूआत एक अजनबी धर्म के रूप में हुई और शीघ्र ही वह पहले के समान अजनबी बन जाएगा। ऐसे में, शुभ सूचना है…
इस्लाम की शुरूआत एक अजनबी धर्म के रूप में हुई और शीघ्र ही वह पहले के समान अजनबी बन जाएगा। ऐसे में, शुभ सूचना है अजनबियों के लिए।
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "इस्लाम की शुरूआत एक अजनबी धर्म के रूप में हुई और शीघ्र ही वह पहले के समान अजनबी बन जाएगा। ऐसे में, शुभ सूचना है अजनबियों के लिए।"
الترجمة
العربية Tiếng Việt অসমীয়া Nederlands Bahasa Indonesia Kiswahili Hausa සිංහල English ગુજરાતી Magyar ქართული Română Русский Português ไทย తెలుగు मराठी دری Türkçe አማርኛ বাংলা Kurdî Malagasy Македонски Tagalog ភាសាខ្មែរ Українська ਪੰਜਾਬੀ پښتو Moore Wolof മലയാളംالشرح
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया कि इस्लाम का आरंभ इक्का-दुक्का लोगों के साथ अजनबीपन भरे माहौल में हुआ था और फिर एक समय आएगा जब वह दोबारा अजनबी बन जाएगा तथा उसका पालन करने वालों की संख्या घट जाएगी। इसलिए बहुत ख़ूब हैं इस प्रकार के अजनबी लोग। उन्हें बड़ी ख़ुशी और आँखों की ठंडक मिलने वाली है।فوائد الحديث
इस हदीस में इस बात की सूचना दी गई है कि इस्लाम फैलने तथा प्रचलित हो जाने के वाद फिर से अजनबी बन जाएगा।
यह हदीस मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सच्चे नबी होने की एक बड़ी निशानी है। क्योंकि इसमें की गई आपकी एक भविष्यवाणी सच्ची होती हुई दिख रही है।
इस्लाम की ख़ातिर वतन तथा परिवार को छोड़ने की फ़ज़ीलत। ऐसे व्यक्ति के लिए जन्नत है।
ग़ुरबा, वह लोग हैं, जो लोगों में बिगाड़ पैदा हो जाने के बाद सुधार कार्य करते हैं। लोगों में व्याप्त बिगाड़ को सुधारते हैं।
التصنيفات
सदाचारी बंदों के हालात