إعدادات العرض
तुममें से कोई व्यक्ति अपने भाई की ओर हथियार से इशारा न करे। क्योंकि उसे नहीं पता कि शायद शैतान उसके हाथ में मौजूद…
तुममें से कोई व्यक्ति अपने भाई की ओर हथियार से इशारा न करे। क्योंकि उसे नहीं पता कि शायद शैतान उसके हाथ में मौजूद हथियार को हरकत दे दे और फलस्वरूप वह जहन्नम के गढ़े में जा गिरे।
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "तुममें से कोई व्यक्ति अपने भाई की ओर हथियार से इशारा न करे। क्योंकि उसे नहीं पता कि शायद शैतान उसके हाथ में मौजूद हथियार को हरकत दे दे और फलस्वरूप वह जहन्नम के गढ़े में जा गिरे।"
[सह़ीह़] [इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।]
الترجمة
العربية Tiếng Việt অসমীয়া Nederlands Bahasa Indonesia Kiswahili Hausa සිංහල English ગુજરાતી Magyar ქართული Română Русский Português ไทย తెలుగు मराठी دری Türkçe አማርኛ বাংলা Kurdî Malagasy Македонски Tagalog ភាសាខ្មែរ Українська ਪੰਜਾਬੀ پښتو Wolof Moore മലയാളംالشرح
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इस बात से सावधान किया है कि कोई मुसलमान अपने भाई की ओर किसी हथियार से इशारा करे। क्योंकि इस बात की संभावना तो रहती ही है कि शैतान उसे उसके हाथ में मौजूद हथियार को चलाने पर उकसा दे और वह अपने भाई की हत्या या उसे ज़ख़्मी कर दे और इस तरह गुनाह में संलिप्त होकर जहन्नम के गढ़े में जा गिरे।فوائد الحديث
मुसलमान के ख़ून के हराम होने का बयान।
मुसलमान का सम्मान करना वाजिब है। उसे अपने कथन एवं कार्य द्वारा कष्ट देने से बचना चाहिए। कष्ट देने में लोहे या हथियार से इशारा करना भी शामिल है। मज़ाक़ ही में क्यों न हो। क्योंकि हो सकता है कि शैतान के बहकावे में आकर मार दे या बिना चाहे हथियार उसके हाथ से गिर जाए और उसके भाई का नुक़सान हो जाए।
التصنيفات
अपराध