कोई ऐसा व्यक्ति जहन्नम हरगिज़ नहीं जाएगा, जो बद्र एवं हुदैबिया में शामिल रहा हो।

कोई ऐसा व्यक्ति जहन्नम हरगिज़ नहीं जाएगा, जो बद्र एवं हुदैबिया में शामिल रहा हो।

जाबिर -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "कोई ऐसा व्यक्ति जहन्नम हरगिज़ नहीं जाएगा, जो बद्र एवं हुदैबिया में शामिल रहा हो।"

[स़ह़ीह़] [इसे इमाम अह़मद ने रिवायत किया है और इसकी असल (मूल) स़ह़ीह़ मुस्लिम में है]

الشرح

अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने बताया कि ऐसा व्यक्ति हरगिज़ जहन्नम नहीं जाएगा, जिसने बद्र की लड़ाई में, जो सन 2 हिजरी में हुई थी, अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ रहकर युद्ध किया। इसी तरह ऐसा व्यक्ति भी हरगिज़ जहन्नम नहीं जाएगा, जो सुलह हुदैबिया में शामिल रहा, जो सन 6 हिजरी में हुई थी और जिस में बैअत-ए-रिज़वान भी हुई थी।

فوائد الحديث

इस हदीस से बद्र युद्ध तथा सुलह हुदैबिया में शामिल लोगों की फ़ज़ीलत मालूम होती है। बताया गया है कि यह दोनों तरह के लोग हरगिज़ जहन्नम नहीं जाएँगे।

इस बात का बयान कि अल्लाह उनके गलत कामों पर उनकी जिम्मेवारी लेगा, ईमान पर मौत का सुयोग प्रदान करेगा और उन्हें आग की किसी यातना के बिना जहन्नम में दाख़िल करेगा। यह अल्लाह का अनुग्रह है, जिसे चाहता है, प्रदान करता है। निश्चय ही अल्लाह बड़ा अनुग्रहशाली है।

التصنيفات

सहाबा रज़ियल्लाहु अनहुम की फ़ज़ीलत, सहाबा रज़ियल्लाहु अनहुम की श्रेणियाँ, सहाबा रज़ियल्लाहु अनहुम की फ़ज़ीलतें