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जन्नत में एक द्वार है, जिसे रय्यान कहा जाता है। क़यामत के दिन उससे रोज़ेदार प्रवेश करेंगे। उनके सिवा कोई उस द्वार…
जन्नत में एक द्वार है, जिसे रय्यान कहा जाता है। क़यामत के दिन उससे रोज़ेदार प्रवेश करेंगे। उनके सिवा कोई उस द्वार से प्रवेश नहीं करेगा।
सह्ल -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जन्नत में एक द्वार है, जिसे रय्यान कहा जाता है। क़यामत के दिन उससे रोज़ेदार प्रवेश करेंगे। उनके सिवा कोई उस द्वार से प्रवेश नहीं करेगा। कहा जाएगा : रोज़ेदार कहाँ हैं? अतः, वे उठ खड़े होंगे। उनके सिवा कोई उससे प्रवेश नहीं करेगा। जब वे दाख़िल हो जाएँगे, तो द्वार बंद कर दिया जाएगा और उससे कोई अंदर नहीं जाएगा।"
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अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया कि जन्नत के द्वारों में से एक द्वार का नाम रैयान है, जिससे क़यामत के दिन रोज़ेदार प्रवेश करेंगे, दूसरे लोग नहीं। उस दिन पुकारा जाएगा कि रोज़ेदार कहाँ हैं? तब रोज़ेदार खड़े होंगे और अंदर जाएँगे। दूसरे लोग उस द्वार से प्रवेश नहीं करेंगे। जब अंतिम रोज़ेदार प्रवेश कर जाएगा, तो द्वार को बंद कर दिया जाएगा और बाद में कोई प्रवेश नहीं करेगा।فوائد الحديث
नववी कहते हैं : इस हदीस में रोज़े के महत्व तथा रोज़ेदार के सम्मान का उल्लेख है।
अल्लाह ने जन्नत के आठ द्वारों में से एक द्वार रोज़ेदारों के लिए ख़ास कर दिया है। जब वो प्रवेश कर जाएँगे, तो उसे बंद कर दिया जाएगा।
जन्नत के विभिन्न द्वार हैं।
सिंधी कहते हैं : हदीस के शब्दों "أين الصائمون" का अर्थ है : बहुत ज़्यादा रोज़े रखने वाले कहाँ हैं? वैसे ही, जैसे 'आदिल' एवं 'ज़ालिम' शब्दों का प्रयोग ऐसे लोगों के लिए किया जाता है, जिनके स्वभाव में ये दोनों गुण होते हैं। ऐसे लोगों के लिए नहीं, जिनके अंदर एकाध बार ये गुण नज़र आ जाएँ।
'अल-रैयान' शब्द का अर्थ है : प्यास बुझाने वाला। चूँकि रोज़ेदारों को प्यास लगती है, ख़ास तौर से गर्मी के लम्बे तथा गर्म दिनों में, इसलिए प्रतिफल के तौर पर जन्नत के एक द्वार का नाम प्यास बुझाने वाला द्वार रखा जाएगा। जबकि कुछ लोगों का कहना है कि 'अल-रैयान' शब्द 'फालान' के वज़न पर है और इसका अर्थ है, बहुत अच्छी तरह प्यास बुझा देना। चूँकि रोज़ेदार भूखे एवं प्यासे रहते हैं, इसलिए प्रतिफल के तौर पर जन्नत के एक द्वार का नाम 'बाब अल-रैयान' रखा जाएगा।
التصنيفات
रोज़े की फ़ज़ीलत