إعدادات العرض
अल्लाह के अज़ाब (आग) से किसी को अज़ाब न दो।
अल्लाह के अज़ाब (आग) से किसी को अज़ाब न दो।
इकरिमा से वर्णित है : अली रज़ियल्लाहु अन्हु ने कुछ लोगों को आग में जला दिया, तो यह ख़बर जब इब्ने-ए-अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) को पहुंची तो उन्होंने कहा : अगर मैं होता तो उन्हें हरगिज़ न जलाता, क्योंकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : "अल्लाह के अज़ाब (आग) से किसी को अज़ाब न दो।" मैं उनको क़त्ल करवा देता, जैसा कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया है : "जो शख़्स अपना दीन बदल ले, उसे क़त्ल कर दो।"
الترجمة
العربية Bosanski English فارسی Русский 中文 Indonesia اردو Kurdî Português دری Македонски Tiếng Việt Magyar ქართული বাংলা ไทย অসমীয়া Hausa Nederlands ਪੰਜਾਬੀ Kiswahili Tagalog ગુજરાતી ភាសាខ្មែរ සිංහල मराठी മലയാളം ಕನ್ನಡ Српски Türkçe తెలుగుالشرح
अली बिन अबू तालिब रज़ियल्लाहु अन्हु ने अपने इज्तिहाद (विवेक) से इस्लाम से मुर्तद होने वाले कुछ ज़िन्दीक़ों (अधर्मियों) को आग से जला दिया। जब यह बात अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हुमा तक पहुंची, तो उन्होंने उनके क़त्ल किए जाने की तो ताईद की; लेकिन उन्हें आग के द्वारा जलाने का इंकार किया। उन्होंने कहा : अगर मैं उनकी जगह होता, तो मैं उन्हें आग में न जलाता; क्योंकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने स्पष्ट किया है कि आग से केवल अल्लाह ही अज़ाब देता है, जो आग का रब है। बल्कि उन्हें क़त्ल कर देना ही काफ़ी है, जैसा कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया है : जो इस्लाम से फिर जाए और अपना दीन बदलकर कोई दूसरा दीन अपना ले, उसे क़त्ल कर दो।فوائد الحديث
विद्वानों की इस बात पर सर्वसम्मति है कि इस्लाम धर्म का परित्याग करने वाले का क़त्ल करना, उसकी शर्तों के साथ, अनिवार्य है। याद रहे कि यह काम केवल इमाम और शासक का है।
आपका फ़रमान : "जो कोई अपना दीन बदले, उसकी हत्या कर दो।" अर्थात, जो इस्लाम से फिर जाए। इसमें पुरुष एवं स्त्री दोनों शामिल हैं।
मुर्तद (इस्लाम का परित्याग करने वाले) को उसके इस्लाम परित्याग पर बाक़ी नहीं रखा जाएगा, बल्कि उसे इस्लाम की ओर बुलाया जाएगा और यदि वह स्वीकार न करे, तो उसे क़त्ल कर दिया जाएगा।
इस हदीस में आग से यातना देने से मना किया गया है, और यह बताया गया है कि निर्धारित दंड (ह़ुदूद) आग के द्वारा नहीं दिए जाएँगे।
अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हुमा की फ़ज़ीलत तथा नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की हदीसों के संबंध में उनका व्यापक ज्ञान और गहरी समझ।
इसमें विरोधी का खंडन करने का शिष्टाचार बयान किया गया है।
التصنيفات
इस्लाम को त्याग देने की हद (दंड)