जब क़यामत के दिन अल्लाह पहले के और बाद के तमाम लोगों को एकत्र करेगा, तो हर विश्वासघात करने वाले के लिए एक-एक झंडा…

जब क़यामत के दिन अल्लाह पहले के और बाद के तमाम लोगों को एकत्र करेगा, तो हर विश्वासघात करने वाले के लिए एक-एक झंडा ऊँचा किया जाएगा। कहा जाएगा : यह अमुक के पुत्र अमुक का विश्वासघात है।

अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अनहुमा- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जब क़यामत के दिन अल्लाह पहले के और बाद के तमाम लोगों को एकत्र करेगा, तो हर विश्वासघात करने वाले के लिए एक-एक झंडा ऊँचा किया जाएगा। कहा जाएगा : यह अमुक के पुत्र अमुक का विश्वासघात है।"

[स़ह़ीह़] [इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है]

الشرح

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया कि जब अल्लाह क़यामत के दिन हिसाब के लिए अगले तथा पिछले तमाम लोगों को एकत्र करेगा, तो अल्लाह खुद अपने साथ या लोगों के साथ किए हुए किसी वादे को पूरा न करने वाले हर विश्वासघाती के लिए एक-एक चिह्न बना देगा, जिससे उसके विश्वासघात पर उसकी रुसवाई हो सके। उस दिन उसके खिलाफ यह पुकारा जाएगा : यह अमुक के बेटे अमुक का विश्वासघात है। ऐसा उसके कुकर्मों से हश्र के मैदान में एकत्र तमाम लोगों अवगत करने के लिए किया जाएगा।

فوائد الحديث

विश्वासघात करना हराम तथा कबीरा गुनाह है। क्योंकि इस प्रकार के व्यक्ति को बड़ी सख़्त चेतावनी दी गई है।

التصنيفات

कुत्सित आचरण, जिहाद के आदाब