अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम खुशबू (पुष्पसार) वापस नहीं करते थे।

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम खुशबू (पुष्पसार) वापस नहीं करते थे।

अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम खुशबू (पुष्पसार) वापस नहीं करते थे।

[صحيح] [رواه البخاري]

الشرح

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की आदत यह थी कि कोई खुशबू दे, तो ग्रहण कर लेते थे। वापस नहीं करते थे। क्योंकि इसे साथ रखना आसान है और यह सुगंधित होती है।

فوائد الحديث

खुशबू का भेंट स्वीकार करना मुसतहब है। क्योंकि इसे साथ रखना कठिन नहीं है और इसे स्वीकार करने से किसी के उपकार के बोझ तले दबना नहीं पड़ता।

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के आचरण की संपूर्णता तथा सुंदरता इस बात से भी झलकती है कि आप खुशबू वापस नहीं करते थे और भेंट करने वाले के भेंट को स्वीकार कर लिया करते थे।

खुशबू इस्तेमाल करने की प्रेरणा।

التصنيفات

ज़ियारत तथा प्रवेश की अनुमति माँगने के आदाब