إعدادات العرض
जो व्यक्ति मेरे हवाले से कोई बात बताए और उसे लगता हो कि वह झूठ है, तो वह झूठों में से एक है।
जो व्यक्ति मेरे हवाले से कोई बात बताए और उसे लगता हो कि वह झूठ है, तो वह झूठों में से एक है।
समुरा बिन जुंदुब और मुग़बीरा बिन शोबा रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, दोनों कहते हैं कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है : "जो व्यक्ति मेरे हवाले से कोई बात बताए और उसे लगता हो कि वह झूठ है, तो वह झूठों में से एक है।"
[स़ह़ीह़] [इस ह़दीस़ को मुस्लिम ने अपने मुक़द्दमे (प्रस्तावना) में रिवायत किया है]
الترجمة
العربية বাংলা Bosanski English Español فارسی Français Indonesia Русский Tagalog Türkçe اردو 中文 Hausa Kurdî Português සිංහල অসমীয়া Kiswahili Tiếng Việt ગુજરાતી Nederlands پښتو नेपाली മലയാളം Кыргызча Română Svenska Српски తెలుగు ქართული Moore Magyar Македонски Čeština Українська Azərbaycan Wolof Kinyarwanda Malagasy ไทย मराठी ਪੰਜਾਬੀ دری አማርኛ ភាសាខ្មែរ Lietuvių Deutsch ಕನ್ನಡ Oromoo Shqip தமிழ்الشرح
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जो व्यक्ति आपके हवाले से कोई हदीस बयान करे और वह जानता हो या उसे लगता हो कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ओर इस हदीस की निस्बत झूठी है, तो बयान करने वाला भी इस झूठ में इसे पहली बार बोलने वाले का शरीक है।فوائد الحديث
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से नक़ल की गई हदीसों की छानबीन करना और उन्हें रिवायत करने से पहले उनके सहीह होने के बारे में आश्वस्त हो जाना ज़रूरी है।
झूठ बोलने वाले के साथ-साथ उसे नक़ल करने और फैलाने वाला भी झूठा है।
किसी हदीस के मनगढ़त होने का ज्ञान या प्रबल गुमान होने के बावजूद उसे नक़ल करना हराम है। हाँ, उससे सावधान करने के लिए नक़ल किया जाए, तो बात अलग है।
