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फ़ज़ीलतें तथा आदाब - الصفحة 4
फ़ज़ीलतें तथा आदाब - الصفحة 4
11- क़यामत के दिन मौत को एक चितकबरे मेंढे
12- तुम्हारी आग जहन्नम की आग के सत्तर भागों में से एक भाग है
13- जिसने जान-बूझकर मुझपर झूठ बोला, वह अपना ठिकाना जहन्नम बना ले।
15- ज्ञान इसलिए न अर्जित करो कि उलेमा से बहस कर सको और अज्ञान लोगों से झगड़ सको
16- अल्लाह ने एक उदाहरण दिया है। एक सीधा रास्ता है
21- अल्लाह की क़सम! ऐ अबुल मुंज़िर! तुमको यह ज्ञान मुबारक हो।
26- आप ला इलाहा इल्लल्लाह कह दें, मैं क़यामत के दिन आपके लिए इसकी गवाही दूँगा
27- {ثُمَّ لَتُسْأَلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ النَّعِيمِ}
33- “आदमी के अच्छे मुसलमान होने की एक निशानी यह है कि वह बेमतलब की चीज़ों को छोड़ दे।”
35- मोमिन ताना देने वाला, लानत करने वाला, बदज़ुबान और अनर्गल बकने वाला नहीं होता।
36- बूढ़े व्यक्ति का दिल हमेशा दो चीज़ों में जवान रहता है। दुनिया से प्रेम और लम्बी-लम्बी आशाओं में।
42- अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हमें सात बातों का आदेश दिया है और सात जीचों से रोका है
85- तुम्हारे कमज़ोर लोगों के कारण ही तुम्हारी सहायता की जाती है और तुम्हें रोज़ी दी जाती है।
