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अल्लाह के नाम और उनसे संबंधित अहकाम
अल्लाह के नाम और उनसे संबंधित अहकाम
1- इस्लाम की बुनियाद पाँच चीज़ों पर क़ायम है
2- जिसने हमारे इस धर्म में कोई ऐसी चीज़ पैदा की, जो धर्म का भाग नहीं है, तो वह अमान्य एवं अस्वीकृत है
3- आपका क्या ख़याल है कि अगर मैं फ़र्ज़ नमाज़ें पढ़ूँ, रमज़ान के रोज़े रखूँ और हलाल को हलाल जानूँ
5- तुममें से कोई उस समय तक मोमिन नहीं हो सकता, जब तक उसकी इच्छाएँ मेरी लाई हुई शरीयत की अधीन न हो जाएँ।
7- ऐ अल्लाह, मेरी क़ब्र को बुत न बनने देना
8- जिसने अल्लाह के अतिरिक्त किसी और की क़सम खाई, उसने क़ुफ़्र अथवा शिर्क किया।
17- जिसने हमारे इस दीन में कोई ऐसी नई चीज़ बनाली, जो उसका हिस्सा नहीं है, तो वह ग्रहणयोग्य नहीं है
23- इस्लाम की बुनियाद पाँच चीज़ों पर क़ायम है
28- आदमी के बीच तथा कुफ़्र एवं शिर्क के बीच की रेखा नमाज़ छोड़ना है।
29- वह वचन, जो हमारे और उनके बीच है, नमाज़ है। जिसने इसे छोड़ दिया, उसने कुफ़्र किया।
39- “अगर यह सच कह रहा है, तो कामयाब हो गया।”
41- “तुमने एक गंभीर प्रश्न पूछा है, परंतु यह उसके लिए आसान है, जिसके लिए अल्लाह आसान बना दे
45- वह व्यक्ति हममें से नहीं, जो गालों पर थप्पड़ मारे, गिरेबान फाड़े और जाहिलियत का कोई बोल बोले।
51- जिसने अमानत की क़सम खाई, वह हममें से नहीं है।
53- उसने कभी यह नहीं कहा : ऐ मेरे रब! प्रतिफल के दिन मेरे गुनाह माफ़ कर देना।
58- तुम अपनी पिछली नेकियों के साथ मुसलमान हुए हो।
63- और मैं साद बिन अबी बक्र नामी क़बीले से ताल्लुक़ रखता हूँ।
64- यहूदी वह लोग हैं, जिनपर अल्लाह का प्रकोप हुआ और ईसाई वह लोग हैं, जो गुमराह हैं।
65- आप ला इलाहा इल्लल्लाह कह दें, मैं क़यामत के दिन आपके लिए इसकी गवाही दूँगा
83- जिसने हमपर हथियार उठाया, वह हममें से नहीं है।
